डूबते सूरज का तबस्सुम

  अर्श-ए-सिफ़र से शनासाई थी मेरी... लेकिन आज डूबते सूरज का तबस्सुम देखा। मुरझाते फूल को हसते देखा। और तनहा पंछी को गाते सुना। अँधेरे के पंखों पर शरर-ए -ज़ीस्त को ठहरते देखा। बीते लम्हो का ज़िक्र नहीं था कही भी। ... खुदा की तोहमत नहीं थी कही! ए'तिमाद, रिफ़ाक़त, माज़रत का कही कोई निशाँ [...]

Never Believe the Proverbial Snake

    Poison doesn't spare the Hindu and kills the Muslim Poison doesn't recognize religion or community Poison kills humans and gives birth to creatures with poisonous minds. Don't believe the snake, he's not a friend of you Don't believe the proverbial snake, he will make you infamous in the history of humankind... He'll tempt [...]